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सोरायसिस के लक्षण: शुरुआती संकेत, चरण, तस्वीरें और इलाज की जानकारी

परिचय:

नमस्कार दोस्तों,

 मैं डॉ कर्म पटेल हूँ, और आज हम बात करेंगे एक बहुत ही आम लेकिन अक्सर गलत समझी जाने वाली त्वचा रोग - सोरायसिस के बारे में।

  • क्या आप त्वचा पर बार-बार आने वाले लाल या खुजली वाले चकत्तों, सिर में लगातार होने वाली सफेद पपड़ी, या हाथों और कोहनियों पर सूखी, खुरदरी त्वचा से परेशान हैं?
  •  क्या आप सोरायसिस के इलाज के लिए ऑनलाइन डर्मेटोलॉजिस्ट परामर्श  ढूंढ रहे हैं?
  •  क्या आपको कभी लगता है कि यह सिर्फ डैंड्रफ या ड्राय स्किन है - या फिर कोई गंभीर त्वचा रोग जैसे सोरायसिस?

अगर हाँ, तो आप अकेले नहीं हैं। बहुत से लोग सोरायसिस के शुरुआती लक्षण (psoriasis ke lakshan) को पहचान नहीं पाते और देर से इलाज करवाते हैं।

इस ब्लॉग - “सोरायसिस के लक्षण और इलाज: शुरुआती संकेत, तस्वीरें व स्टेज जानकारी” - में मैं विस्तार से बताऊँगा:

  • सोरायसिस क्या है 
  • सोरायसिस क्यों होता है और इसके प्रमुख कारण
  • सोरायसिस के शुरुआती लक्षण कैसे दिखते हैं और समय के साथ कैसे बढ़ते हैं
  • अलग-अलग त्वचा प्रकारों, सिर, नाखून और शरीर पर सोरायसिस के लक्षणों की पहचान (तस्वीरों सहित)
  • और सबसे ज़रूरी, डर्मेटोलॉजिस्ट किस प्रकार सही सोरायसिस इलाज का चयन करते हैं, चाहे वह स्कैल्प सोरायसिस हो, हाथों का सोरायसिस या प्लाक सोरायसिस 

सोरायसिस मेरा एक विशेष शोध विषय है। मैंने वर्षों तक अलग-अलग मरीजों का इलाज किया है, जहाँ हमने व्यक्तिगत रूप से तैयार किए गए ऑनलाइन सोरायसिस ट्रीटमेंट और डर्मेटोलॉजिस्ट कंसल्टेशन के ज़रिए अच्छे परिणाम प्राप्त किए हैं।

आइए, इस ब्लॉग में हम विस्तार से समझते हैं - सोरायसिस के शुरुआती संकेत, लक्षण, स्टेज और इलाज - ताकि आप समय पर पहचान कर सही कदम उठा सकें और अपनी त्वचा को फिर से स्वस्थ बना सकें।

सोरायसिस के आम लक्षण क्या हैं? (Common Psoriasis Symptoms in Hindi)

सोरायसिस के लक्षण व्यक्ति-व्यक्ति पर निर्भर करते हैं, लेकिन कुछ सामान्य सोरायसिस के लक्षण (Psoriasis ke lakshan) अधिकतर मरीजों में दिखाई देते हैं:

  • लाल, सूजन वाले और मोटे पपड़ीदार धब्बे (plaques) - जिन पर सफेद या चांदी जैसी परतें जमी होती हैं
  • सूखी, फटी हुई त्वचा जिसमें जलन या खून निकल सकता है
  • प्रभावित हिस्से पर खुजली, जलन या दर्द महसूस होना
  • नाखूनों में बदलाव जैसे गड्ढे पड़ना, रेखाएं बनना या रंग बदलना
  • त्वचा में खिंचाव या दर्द महसूस होना, खासकर गंभीर मामलों में

ये सोरायसिस के लक्षण शरीर के किसी भी हिस्से में दिखाई दे सकते हैं, लेकिन कोहनी, घुटने, सिर की त्वचा (scalp), और पीठ का निचला हिस्सा सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।

स्कैल्प और प्लाक सोरायसिस के कारण और प्रकार को विस्तार से समझने के लिए नीचे पढ़ना जारी रखें।

सोरायसिस के शुरुआती लक्षण – यह कैसे शुरू होता है? 

ज्यादातर मामलों में सोरायसिस की शुरुआत (Psoriasis ke shuruaati lakshan) बहुत हल्के रूप में होती है, जो धीरे-धीरे स्पष्ट पपड़ीदार धब्बों में बदल जाती है।

शुरुआती संकेतों में शामिल हो सकते हैं:

  • त्वचा पर हल्की लालिमा या सूखापन
  • हल्की खुजली जो ठंड या तनाव के समय बढ़ सकती है
  • सिर की त्वचा या भौंहों में डैंड्रफ जैसी परतें बनना
  • त्वचा में खिंचाव या संवेदनशीलता महसूस होना, भले ही घाव न दिखें

यदि इन सोरायसिस के शुरुआती लक्षणों को अनदेखा किया जाए, तो यह मोटे चकत्ते वाला सोरायसिस या क्रोनिक सोरायसिस में बदल सकता है। शुरुआती अवस्था में सोरायसिस का इलाज (Psoriasis ka ilaj) शुरू करने से लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है और flare-ups से बचा जा सकता है।

सिर और बालों में सोरायसिस के लक्षण 

सिर में सोरायसिस के सबसे सामान्य प्रकारों में से एक है और इसे अक्सर डैंड्रफ (रूसी) समझने की गलती की जाती है। हालांकि, सोरायसिस की पपड़ियाँ मोटी और ज्यादा जिद्दी होती हैं।

 यहां जानिए सिर और बालों में सोरायसिस के लक्षण (Psoriasis ke lakshan in hair) कैसे पहचानें:

  • सिर की त्वचा (scalp) और कानों के पीछे सफेद या चांदी जैसी परतें बनना
  • बालों की जड़ों, हेयरलाइन या गर्दन के पास लाल और पपड़ीदार धब्बे
  • खुजली, जलन और असहजता महसूस होना
  • लगातार खुजली या सूजन के कारण अस्थायी बाल झड़ना

यदि आप इन सिर या स्कैल्प सोरायसिस के लक्षणों को महसूस कर रहे हैं, तो देर न करें - किसी ऑनलाइन त्वचा रोग विशेषज्ञ / मेरे पास के त्वचा विशेषज्ञ  से परामर्श लें। विशेषज्ञ इसे डैंड्रफ और सोरायसिस में फर्क कर सकते हैं और उचित medicated shampoo या topical treatment की सलाह दे सकते हैं।

नाखूनों में सोरायसिस के लक्षण 

कई क्रॉनिक सोरायसिस वाले लोगों में नाखूनों में सोरायसिस भी देखा जाता है। अगर समय रहते पहचान ली जाए, तो नाखून गिरने या संक्रमण से बचा जा सकता है।

आम तौर पर नाखूनों में सोरायसिस के लक्षण (Nail psoriasis ke lakshan) इस प्रकार होते हैं:

  • नाखून की सतह पर छोटे गड्ढे (pitting), रेखाएं या डेंट्स पड़ना
  • नाखूनों का रंग बदलना – पीले, भूरे या सफेद धब्बे दिखाई देना
  • नाखूनों का मोटा या भुरभुरा हो जाना
  • नाखून का अपनी जड़ (nail bed) से अलग हो जाना (ओनिकोलिसिस)

ये सोरायसिस के लक्षण केवल बाहरी रूप से दिखाई देने वाले नहीं हैं - यह अंदरूनी inflammation (सूजन) का संकेत भी हो सकते हैं। नाखून सोरायसिस कई बार सोरियाटिक गठिया का शुरुआती संकेत भी होता है।

सोरायसिस के लक्षण की तस्वीरें: सिर, बाल और नाखून

सोरायसिस के आखिरी स्टेज के लक्षण 

सोरायसिस के आखिरी स्टेज (Psoriasis last stage) में लक्षण गंभीर हो जाते हैं और यह आपकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी को प्रभावित कर सकते हैं।

सोरायसिस के आखिरी स्टेज के लक्षण (Psoriasis ke aakhri stage ke lakshan) इस प्रकार हो सकते हैं:

  • शरीर के बड़े हिस्से पर मोटे, पपड़ीदार और क्रस्टेड धब्बे बनना
  • जोड़ों में दर्द या अकड़न महसूस होना (Psoriatic arthritis)
  • त्वचा में तेज़ खुजली, जलन या फटने जैसी समस्या
  • खुले घावों के कारण सूजन या संक्रमण का खतरा
यदि आप इनमें से कोई भी सोरायसिस के गंभीर लक्षण महसूस कर रहे हैं, तो तुरंत त्वचा रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें। देरी करने पर यह स्थिति पुराने दर्द और अपरिवर्तनीय त्वचा क्षति का कारण बन सकती है।

सोरायसिस के लक्षण और इलाज – क्या सोरायसिस का उपचार संभव है?

सोरायसिस एक क्रोनिक ऑटोइम्यून त्वचा रोग है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (प्रतिरक्षा तंत्र) गलती से त्वचा की कोशिकाओं की वृद्धि को तेज़ कर देती है। इसके कारण त्वचा पर मोटी, लाल, पपड़ीदार परतें बन जाती हैं।

हालांकि सोरायसिस का स्थायी इलाज (स्थायी इलाज) अभी तक नहीं है, लेकिन आधुनिक डर्मेटोलॉजी में कई प्रभावी सोरायसिस के इलाज के तरीके उपलब्ध हैं, जो लक्षणों को नियंत्रित करने, flare-ups को कम करने और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं।

1. हल्के से मध्यम सोरायसिस के लिए टॉपिकल ट्रीटमेंट

टॉपिकल दवाएं (Topical treatments) सीधे प्रभावित त्वचा पर लगाई जाती हैं ताकि सोरायसिस के लक्षण (psoriasis ke lakshan) जैसे खुजली, जलन और स्केलिंग को कम किया जा सके।

आम विकल्प:

  • कॉर्टिकोस्टेरॉइड क्रीम या मलहम:  सूजन और लालिमा को जल्दी कम करते हैं।
  • विटामिन डी एनालॉग्स (कैल्सीपोट्रिओल, कैल्सीट्रिओल) : त्वचा कोशिकाओं की तेज़ वृद्धि को रोकते हैं।
  • कोल टार और सैलिसिलिक एसिड : मोटी परतों को हटाने और खुजली कम करने में सहायक।
  • मॉइस्चराइज़र और एमोलिएंट्स:  त्वचा को सूखने और फटने से बचाते हैं।
टिप: स्टेरॉइड क्रीम का अधिक उपयोग त्वचा को पतला या संवेदनशील बना सकता है, इसलिए इन्हें केवल त्वचा रोग विशेषज्ञ की सलाह से ही उपयोग करें।

2. फोटोटेरेपी 

फोटोटेरेपी एक सिद्ध सोरायसिस इलाज है जिसमें नियंत्रित UV लाइट का उपयोग किया जाता है ताकि त्वचा कोशिकाओं की अत्यधिक वृद्धि को रोका जा सके।

मुख्य प्रकार:

  • यूवीबी नैरोबैंड थेरेपी: व्यापक सोरायसिस के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प।
  • PUVA (सोरालेन + UVA) : गंभीर या जिद्दी सोरायसिस के मामलों में उपयोगी।
  • एक्साइमर लेजर थेरेपी: केवल प्रभावित क्षेत्रों पर लक्षित उपचार, स्वस्थ त्वचा को प्रभावित किए बिना।
  • नियमित सत्रों के साथ मरीजों को लंबे समय तक राहत और चिकनी त्वचा का अनुभव होता है।

3. मध्यम से गंभीर सोरायसिस के लिए दवाएं (मौखिक एवं जैविक दवाएं)

जब सोरायसिस के लक्षण (psoriasis ke lakshan) शरीर के बड़े हिस्से को प्रभावित करते हैं या जोड़ों में दर्द (psoriatic arthritis) होता है, तब प्रणालीगत उपचार दिया जाता है।

मुख्य दवाएं:

  • मेथोट्रेक्सेट: सूजन कम करता है और कोशिकाओं की वृद्धि को नियंत्रित करता है।
  • साइक्लोस्पोरिन: प्रतिरक्षा प्रणाली  की अधिक सक्रियता को कम करता है।
  • रेटिनोइड्स (एसिट्रेटिन): त्वचा की कोशिकाओं की वृद्धि को सामान्य करता है।
  • बायोलॉजिक्स (अडालिमुमैब, सेकुकिनुमाब, उस्तेकिनुमाब): सोरायसिस के flare-ups के लिए जिम्मेदार immune pathways को target करते हैं।

4. जीवनशैली और घरेलू देखभाल टिप्स 

सोरायसिस केवल एक त्वचा रोग नहीं है, बल्कि यहजीवनशैली और भावनात्मक स्वास्थ्य से भी जुड़ा होता है।

दैनिक आदतों में छोटे बदलाव सोरायसिस के नुकसान (psoriasis ke nuksan) को कम कर सकते हैं:

  • तनाव कम करें: तनाव flare-ups का बड़ा कारण है। योग, ध्यान और गहरी सांस लेना  करें।
  • हाइड्रेटेड रहें: पर्याप्त पानी पीएं ताकि त्वचा की नमी बनी रहे।
  • माइल्ड साबुन का प्रयोग करें: सुगंध रहित क्लींजर का उपयोग करें।
  • शराब और धूम्रपान से बचें: यह सूजन बढ़ा सकता है।
  • सूजनरोधी आहार अपनाएं: ओमेगा-3, हरी सब्जियाँ, फल और साबुत अनाज शामिल करें।

इन दवाओं का उपयोग केवल त्वचा विशेषज्ञ की देखरेख में किया जाना चाहिए, क्योंकि नियमित रक्त परीक्षण और नैदानिक ​​निगरानी आवश्यक होती है।

5. शुरुआती पहचान और नियमित डर्मेटोलॉजिस्ट सलाह का महत्व

सोरायसिस के शुरुआती लक्षण जैसे लाल धब्बे, स्केलिंग या नाखूनों में बदलाव जल्दी पहचानने से समय पर इलाज संभव होता है।

यदि इलाज में देरी की जाए तो सोरायसिस का आखिरी स्टेज विकसित हो सकता है, जिससे सोरियाटिक गठिया या क्रोनिक दर्द का खतरा बढ़ जाता है।

अगर आप सोरायसिस के लक्षण और इलाज (psoriasis ke lakshan aur ilaj) जानना चाहते हैं, तो देर न करें। ऑनलाइन डर्मेटोलॉजिस्ट कंसल्टेशन के लिए SkinMate: आपकी एआई डर्मेटोलॉजी नर्स से संपर्क करें।
आपको मिलेगा – विशेषज्ञ मूल्यांकन, व्यक्तिगत इलाज की सलाह, और घर बैठे निरंतर सहायता।


त्वचा विशेषज्ञ से कब संपर्क करें

सोरायसिस एक दीर्घकालिक त्वचा रोग है, जिसके लिए समय पर निदान और विशेषज्ञ देखभाल आवश्यक है। हल्की flare-ups घर पर उपचार या ओवर-द-काउंटर क्रीम से संभालने योग्य लग सकती हैं, लेकिन स्थिति को बिगड़ने या फैलने से रोकने के लिए डॉक्टर की सलाह ज़रूरी है।

इन चेतावनी संकेतों में से कोई भी दिखाई दे, तो एक प्रमाणित त्वचा विशेषज्ञ से जरूर संपर्क करें:

  • लगातार लाल या खुजली वाले पैच : यदि आपकी कोहनियों, घुटनों, खोपड़ी या कमर पर बने सूखे, पपड़ीदार पैच कई हफ्तों तक मॉइश्चराइज़र या सामान्य उपचार से भी ठीक नहीं हो रहे हैं, तो यह साधारण रूखापन या एक्ज़िमा नहीं, बल्कि सोरायसिस हो सकता है।
  • फटा हुआ, दर्दनाक या खून निकलने वाला त्वचा: जब सोरायसिस के घाव मोटे या सूजे हुए हो जाते हैं, तो गहरी दरारें पड़ सकती हैं। ये दर्दनाक फिशर त्वचा संक्रमण का खतरा बढ़ाते हैं और चिकित्सकीय ध्यान की आवश्यकता होती है।
  • नाखून या खोपड़ी में पपड़ी जो ठीक न हो: मोटे नाखून, पिटिंग (छोटे-छोटे गड्ढे), या नाखून का नेल बेड से अलग होना - ये नाखून सोरायसिस के संकेत हो सकते हैं। इसी तरह, खोपड़ी पर लगातार पपड़ी या झड़ना केवल डैंड्रफ नहीं, बल्कि स्कैल्प सोरायसिस भी हो सकता है।
  • त्वचा में परिवर्तन के साथ जोड़ों में दर्द: यदि त्वचा के घावों के साथ उंगलियों, घुटनों या टखनों में stiffness या सूजन महसूस हो रही है, तो यह सोरियाटिक आर्थराइटिस हो सकता है — जिसमें सोरायसिस आपके जोड़ों को प्रभावित करता है। समय पर निदान लंबे समय तक होने वाले जोड़ों के नुकसान को रोकने के लिए ज़रूरी है।
स्मार्ट डायग्नोसिस, स्मार्ट केयर

SkinMate की AI-सहायता प्राप्त फोटो परामर्श सुविधा के साथ, आप अपनी त्वचा की तस्वीरें अपलोड कर सकते हैं और कुछ ही मिनटों में AI-आधारित प्रारंभिक विश्लेषण प्राप्त कर सकते हैं।
इसके बाद प्रमाणित त्वचा विशेषज्ञ आपकी रिपोर्ट की समीक्षा करते हैं और आपके लिए एक व्यक्तिगत उपचार योजना प्रदान करते हैं - वह भी आपके घर बैठे।

यह तरीका न केवल समय बचाता है, बल्कि लगातार ऑनलाइन मॉनिटरिंग और विशेषज्ञ मार्गदर्शन के जरिए गंभीर सोरायसिस flare-ups का समय रहते पता लगाने और रोकने में मदद करता है।

अंतिम विचार

सोरायसिस आपके जीवन पर हावी नहीं होना चाहिए - सही जागरूकता और समय पर देखभाल से इसे प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।
सोरायसिस के शुरुआती और उन्नत चरणों के लक्षणों को समझना, तनाव, संक्रमण या कुछ दवाओं जैसे व्यक्तिगत ट्रिगर्स की पहचान करना, और नियमित रूप से त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श लेना flare-ups को नियंत्रित रखने की कुंजी है।

नियमित उपचार, जीवनशैली में बदलाव, और आधुनिक त्वचाविज्ञान सहायता आपकी त्वचा के स्वास्थ्य, आराम और आत्मविश्वास को काफी बेहतर बना सकती है।

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धन्यवाद!


लेखक के बारे में:
डॉ कर्म पटेल
MD (Dermatology) | पंजीकरण संख्या: G-53014
वे त्वचा, बाल और नाखून संबंधी समस्याओं में विशेषज्ञ हैं और ऑनलाइन परामर्श के माध्यम से रोगियों को व्यक्तिगत एवं प्रभावी उपचार समाधान प्रदान करते हैं। मुँहासे, पिगमेंटेशन, एक्जिमा, खाज, जॉकी इच, स्कैल्प संक्रमण, डैंड्रफ़, सोरायसिस, विटिलिगो, हाइव्स और बाल झड़ने जैसी समस्याओं के लिए विशेषज्ञ देखभाल उपलब्ध है। सभी सेवाएँ सुविधाजनक ऑनलाइन परामर्श के माध्यम से घर बैठे सुरक्षित रूप से प्राप्त की जा सकती हैं

Comments

Dipak Koli

Thank you for sharing such a detailed and informative post on psoriasis symptoms! I especially appreciate how you break down the early signs, types, and stages of psoriasis in a way that’s easy to understand. The pictures and descriptions help a lot - for example, how plaque psoriasis presents with thick raised patches and silvery scales.

Diya Panchal

I’ve been dealing with thick patches on my scalp and back for months, and the itching gets worse during winters. Reading this helped me understand it might be psoriasis. Going to get a proper consultation now.

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सोरायसिस पूरी तरह ठीक नहीं होता, लेकिन सही उपचार से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

इलाज में शामिल हैं:

1. मेडिकेटेड शैंपू (कोल टार, सैलिसिलिक एसिड)

2. टॉपिकल स्टेरॉयड

3. विटामिन D क्रीम

4. प्रकाश उपचार (Phototherapy)

5. गंभीर मामलों में: ओरल या बायोलॉजिक दवाएँ

सोरायसिस की शुरुआत आमतौर पर लाल, पपड़ीदार धब्बों से होती है।

यह तनाव, संक्रमण, चोट, मौसम बदलने या कुछ दवाओं के कारण ट्रिगर हो सकता है।

नहीं, सोरायसिस शुरुआती चरण में भी स्थायी रूप से ठीक नहीं होता।

लेकिन जल्दी इलाज करने से लक्षण (सोरायसिस के लक्षण) कम होते हैं और बीमारी बढ़ने से रोकी जा सकती है।

1. सफेद/चांदी जैसी परतें

2. लाल या सूजी हुई त्वचा

3. तेज़ खुजली

4. स्कैल्प पर पपड़ी जमना

5. खुजलाने के कारण अस्थायी बाल झड़ना

1. उभरे हुए, पपड़ीदार धब्बे

2. भारी डैंड्रफ जैसी परतें

3. खुजली या जलन

4. सूखी, फटी हुई त्वचा

5. धब्बे माथे, कानों या गर्दन तक फैल सकते हैं

सोरायसिस एक इम्यून सिस्टम की समस्या है जिसमें त्वचा की कोशिकाएँ बहुत तेज़ी से बनती हैं। यह आनुवंशिक और पर्यावरणीय दोनों कारणों से हो सकता है।

1. तनाव

2. ठंडा या शुष्क मौसम

3. स्किन इंजरी

4. संक्रमण (जैसे स्टेप थ्रोट)

5. धूम्रपान और शराब

6. कुछ दवाएँ

7. आनुवंशिक कारण

1. लाल, मोटे धब्बे

2. सफेद/सिल्वर स्केल

3. खुजली या जलन

4. फटी और सूखी त्वचा

5. नाखून मोटे या टूटने लगना

6. जोड़ों में दर्द (यदि Psoriatic Arthritis हो)

1. साफ़ सीमा वाले लाल पैच

2. स्केलिंग (चमड़ी उतरना)

3. दर्द, जलन या खुजली

4. कोहनी, घुटनों, पीठ और स्कैल्प पर धब्बे

लक्षण: लाल धब्बे, स्केलिंग, खुजली, जलन, नाखूनों में बदलाव

इलाज:

1. टॉपिकल स्टेरॉयड

2. विटामिन D क्रीम

3. मॉइस्चराइज़र

4. फोटोथेरैपी

5. ओरल और बायोलॉजिक दवाएँ

6. साथ ही, तनाव कम करना और ट्रिगर्स से बचना जरूरी है।

1. नाखूनों में छोटे-छोटे गड्ढे (pitting)

2. नाखून का रंग बदलना

3. नाखून मोटे या कमजोर होना

4. नाखून का उखड़ना (onycholysis)

5. रेखाएँ या अनियमित आकार